ब्लडप्रेशर और हृदय रोग से संबंधित रोग (Cardio Vascular Diseases) हृदय शरीर का एक बहुत ही महत्वपूर्ण अंग है। हृदय के द्वारा ही शरीर के समस्त भागों में रक्त परिसंचरण रक्त वाहिनियों की सहायता से होता है। हृदय एक खोखला (hollow), तिकोना, मांस पेशियों से बना हुआ अंग होता है। इसके चार कोष्ठ (chamber) होते है । यह एक संकुचंशील (contractile) अंग है, जो रक्त को पंप (pump) [रक्त को धकेलकर] करके रक्त वाहिनियों द्वारा शरीर के अन्य दूसरे भागों में पहुँचाता है, जिससे उस भाग का पोषण होता है। हृदय के उपर एक झिल्ली नुमा आवरण चढ़ा रहता है, जिसे फाइब्रस पैरिकार्डियम (fibrous pericardium) कहते हैं । ह्रदय में या रक्तवाहिनियों में विभिन्न कारणों से (जैसे हृदय में संक्रमण होने से) बहुत से रोग उत्पन्न हो जाते है । रक्त वाहिनियों में भी अनेक प्रकार के रोग हो जाते हैं। हृदय एवं रक्तवाहिनियों के कुछ मुख्य रोग निम्नलिखित है- रक्ताधिक्यता जन्य हृदयघात (Congestive cardiac failure) यह रोग विभिन्न प्रकार के हृदय संबंधी एवं असम्बंधी कारणों से हो सकता है। इसमें हृदय ...
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