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हाइपरटेंशन हार्ट डिजीज के लक्षण - Hypertensive Heart Disease Symptoms Causes

ब्लडप्रेशर और हृदय रोग से संबंधित रोग

            (Cardio Vascular Diseases)

हृदय शरीर का एक बहुत ही महत्वपूर्ण अंग है। हृदय के द्वारा ही शरीर के समस्त भागों में रक्त परिसंचरण रक्त वाहिनियों की सहायता से होता है। हृदय एक खोखला (hollow), तिकोना, मांस पेशियों से बना हुआ अंग होता है। इसके चार कोष्ठ (chamber) होते है । यह एक संकुचंशील (contractile) अंग है, जो रक्त को पंप (pump) [रक्त को धकेलकर] करके रक्त वाहिनियों द्वारा शरीर के अन्य दूसरे भागों में पहुँचाता है, जिससे उस भाग का पोषण होता है। हृदय के उपर एक झिल्ली नुमा आवरण चढ़ा रहता है, जिसे फाइब्रस पैरिकार्डियम (fibrous pericardium) कहते हैं । ह्रदय में या रक्तवाहिनियों में विभिन्न कारणों से (जैसे हृदय में संक्रमण होने से) बहुत से रोग उत्पन्न हो जाते है । रक्त वाहिनियों में भी अनेक प्रकार के रोग हो जाते हैं। हृदय एवं रक्तवाहिनियों के कुछ मुख्य रोग निम्नलिखित है-

रक्ताधिक्यता जन्य हृदयघात

(Congestive cardiac failure) 

यह रोग विभिन्न प्रकार के हृदय संबंधी एवं असम्बंधी कारणों से हो सकता है। इसमें हृदय की कार्य क्षमता कम हो जाती है (diminished cardiac output) जिससे कि वह शरीर के आवश्यक अंगों की आक्सीजन व पोषण संबंधी आवश्यकताओं को पूरा नही कर पाता है । इसके प्रमुख कारण हैं- जन्मजात हृदय रोग, आमवातिक हृदय रोग, उच्च रक्तचाप, गम्भीर रक्तल्पता तथा हृदय पेशी की सूजन | बच्चों में यह रोग बहुत अधिक पाया जाता है। यह रोग अनेक कारणों से होता है । आयु के अनुसार ये कारण भी बदलते रहते हैं, जैसे -


नवजात शिशु में कनजैस्टिव कार्डियक फेल्योर होने के कारण निम्नलिखित हैं-
(a) बड़ी रक्त वाहिनियों के निश्चित स्थान से हट जाने के कारण
(b) ह्रदय के बायें निलय से महाधमनी में खुलने वाले कपाटीय छिद्र का जन्मजात अभाव होना
(c) महाधमनी का संकुचित होना 
(d) फुस्फुसीय संकीर्णता

एक माह से दो माह तक के बच्चे में सी सी एफ (congestive cardiac failure) उत्पन्न करने वाले कारण -
(a) बड़ी रक्तवाहिनियों का अपने निश्चित स्थान से हट जाने पर 
(b) अन्तः ह्रदय कला में वसा ऊतको का एक पिण्ड जो अपने नीचे स्थित संरचनाओं पर पड़ने वाले अनुचित दबाव को रोकता है।
(c) वैन्ट्रीकुलर सैप्टल डिफैक्ट [दोनों निलयों के मध्य पर्दे में खराबी के कारण कि संगउट
(d) एओरटिक स्टैनोसिस महाधमनी के संकीर्णता के कारण
(e) कोअरेक्टेशन ऑफ़ एओरटा [महाधमनी का संकुचन
(f) अनोमैलस पल्मोनरी वेनस कनैक्शन [पल्मोनरी शिराओं का असमान्य सम्बन्ध होना ]

3 माह से 6 माह के बीच में सीसी एफ के कारण -
(a) एन्डोकार्डियल फाईब्रोईलास्टोसिस [ह्रदय की अंदर की कला की फैब्रोइलास्टिक अतिवृद्धि]
(b) ट्रांस्पोजिशन ऑफ ग्रेट वैसिल्स [बड़ी रक्तवाहिनियों का निश्चित स्थान से हटना]
(c) वैन्ट्रीकुलर सैप्टल डिफेक्ट अन्तर्वेन्ट्रीकुलर पर्दे में खराबी आना]
(d) कोअरेक्टेशन ऑफ़ एओरटा [महाधनी का संकुचित होना] 6 माह से 12 माह के बच्चे में सी सी एफ (C.C.F.) के कारण
(a) एन्डोकार्डियल फाइब्रोइलास्टोसिस [ह्रदय की अन्दर की कला की फाईब्रोइलास्टिक अति वृद्धि होना]
(b) वैन्ट्रीकुलर सैप्टल डिफेक्ट [अन्तर्वेन्ट्रीकुलर के पर्दे में खराबी आना ]

एक वर्ष से 4 वर्ष तक के बच्चे में सी सी एफ के कारण
(a) रक्ताल्पता (Anaemia)
(b) ह्रदय की पेशियों में सूजन (Myocarditis)
(c) नैफ्रोटिक सिंड्रोम (Nephrotic syndrome) [(केशिकागुच्छ (glomerulus) का एक रोग   जिसमे प्रोटीन मेह (proteinuri), सार्वदैहिक शोफ (generalized) और रक्त में एल्ल्बमिन  की (hypoalbuminaemia) कमी]|
(d) एक्यूट नेफ्राइटिस (Acute Nephritis) [तीव्र वृक्कशोथ (e) एट्रीयल या वैन्ट्रीकुलर सैप्टल  डिफेक्ट (Atrial or ventricular septal defect) (अलिन्द या निलय के पर्दे में खराबी होने   पर ]  
        

4 वर्ष से 12 वर्ष तक के बच्चों में सी.सी.एफ. के कारण -
(a) रिह्यूमैटिक हार्ट डिजीज (Rheumatic heart disease) (आमवाती हृदय रोग)
(b) ऊपर लिखे गये सभी कारणों सी. सी. एफ. होता है ।

 लक्षण (Symptoms) 

इस रोग से पीड़ित बच्चे को भोजन करने में परेशानी होती है । बच्चा सामान्य तरीके से दूध आदि नही पी पाता है। बच्चे के वजन में वृद्धि नही होती है । वह बेचैन रहता है तथा बहुत रोता है। बच्चे को पसीना अधिक आता है । साँस लेने में आवाज आती है तथा बच्चों को साँस लेने के लिये प्रयास करना पड़ता है । नाक के नथूने साँस के साथ अन्दर बाहर चलते है। जुगुलर वीनस प्रेशर बढ़ा हुआ होता है। बच्चों का यकृत आकार में बड़ा होता है। ह्रदय का आकार भी बड़ा हो जाता है तथा उसकी धड़कन अधिक होती है | बच्चों के पैरों पर, टांगो पर तथा आँखों पर सूजन होती है। बड़े बच्चों में पैरीफैरल सैनोसिस - हाथ-पैर की अंगुलियों या नाखूनों का नीला हो जाना का लक्षण पाया जाता है।

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