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ट्यूबरक्लोसिस (TB) के लक्षण - TB Ke Lakshan in Hindi

                             ट्यूबरक्लोसिस (TB) के लक्षण  -  TB Ke Lakshan in Hindi टीबी  के कारण -  टीबी  माइकोबैक्टिरियम नामक जीवाणु के संक्रमण द्वारा होता है इनकी अनेक  प्रजातियां   हैं | माइकोबैक्टिरियम ट्यूबरक्लोसिस - यह मनुष्यों में  टीबी  का सर्वप्रमुख कारण है । मनुष्यों में टी बी संक्रमण में अधिकांश यही जीवाणु पाया जाता है । माइकोबैक्टिरियम बोविस - माइकोबैक्टिरियम की यह प्रजाति पशुओ में  टीबी  का कारण है । मनुष्यो में इस प्रजाति का संक्रमण मुख्यतः गया, भैंस के दूध के साथ मनुष्यो में फैलता है विकसित देशों में इस प्रजाति का संक्रमण बहुत ही कम लगभग न के बराबर पाया जाता है । 1) माइकोबैक्टिरियम अविम 2) माइकोबैक्टिरियम इन्ट्रासेलुलर 3) माइकोबैक्टिरियम मेनोमेन्स 4) माइकोबैक्टिरियम स्क्रोफुलेसम 5) माइकोबैक्टिरियम जीनोपि 6)  माइकोबैक्टिरियम कंसासी उपर्युक्त 6 माइकोबैक्टिरियम बहुत कम रोगियो में ट्यूबरक्लोसिस का कारण होते है। एक संक्रमण विशेष परिस्थि...

हाइपरटेंशन हार्ट डिजीज के लक्षण - Hypertensive Heart Disease Symptoms Causes

ब्लडप्रेशर और हृदय रोग से संबंधित रोग              (Cardio Vascular Diseases) हृदय शरीर का एक बहुत ही महत्वपूर्ण अंग है। हृदय के द्वारा ही शरीर के समस्त भागों में रक्त परिसंचरण रक्त वाहिनियों की सहायता से होता है। हृदय एक खोखला (hollow), तिकोना, मांस पेशियों से बना हुआ अंग होता है। इसके चार कोष्ठ (chamber) होते है । यह एक संकुचंशील (contractile) अंग है, जो रक्त को पंप (pump) [रक्त को धकेलकर] करके रक्त वाहिनियों द्वारा शरीर के अन्य दूसरे भागों में पहुँचाता है, जिससे उस भाग का पोषण होता है। हृदय के उपर एक झिल्ली नुमा आवरण चढ़ा रहता है, जिसे फाइब्रस पैरिकार्डियम (fibrous pericardium) कहते हैं । ह्रदय में या रक्तवाहिनियों में विभिन्न कारणों से (जैसे हृदय में संक्रमण होने से) बहुत से रोग उत्पन्न हो जाते है । रक्त वाहिनियों में भी अनेक प्रकार के रोग हो जाते हैं। हृदय एवं रक्तवाहिनियों के कुछ मुख्य रोग निम्नलिखित है- रक्ताधिक्यता जन्य हृदयघात (Congestive cardiac failure)  यह रोग विभिन्न प्रकार के हृदय संबंधी एवं असम्बंधी कारणों से हो सकता है। इसमें हृदय ...